Home बिहार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मुंगेर के धरहरा प्रखंड में पोषण मेला...

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मुंगेर के धरहरा प्रखंड में पोषण मेला लगाया,पारंपरिक और स्थानीय खाद्य पदार्थों जोर

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के फील्ड आउटरीच ब्यूरो, मुंगेर द्वारा आज मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र धरहरा प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर बंगलवा में राष्ट्रीय पोषण माह एवं आजादी का अमृत महोत्सव के तहत पोषण मेले का आयोजन किया गया। पोषण मेले का उद्घाटन मुंगेर की डीपीओ आईसीडीएस वंदना पांडेय, धरहरा की सीडीपीओ पूनम कुमारी, धरहरा प्रखंड के बी पी एम अनिल प्रसाद, लडायाताड़ के अवर निरीक्षक ओमप्रकाश चौहान ने सम्मिलित रूप से किया।

   पोषण मेले में अन्नप्राशन, गोद भराई, हेल्दी बेबी शो, पोषण रंगोली प्रतियोगिता, पोषण मेहंदी प्रतियोगिता, पोषण क्विज का आयोजन किया गया। मौके पर उपस्थित अतिथियों ने बच्चे और बच्चियों का अन्नप्राशन भी किया।  गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और साथ ही हेल्दी बेबी शो के तहत विभिन्न मानदंडों पर चयनित बच्चों को उपहार  भी दिया गया। पोषण क्विज में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और पुरस्कार जीता।

इस मौके पर लोगों को जागरूक करने के लिए मंत्रालय के पंजीकृत सांस्कृतिक दल द्वारा पोषण पर आधारित गीत, नृत्य एवं नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुंगेर जिले की डीपीओ (आईसीडीएस) वंदना पांडेय ने कहा कि कुपोषण को दूर करना राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 2022 तक कुपोषण की दर में दो फीसदी की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम पूरी तरह कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों की रहने वाली अधिकांश किशोरियां एवं महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं। उन्हें आयरनयुक्त पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे वातावरण में और हमारे आसपास सभी पोषक खाद्य उपलब्ध है। हमें जरूरत है उन्हें पहचानने की और उन्हें उपयोग में लाने की। उन्होंने स्वच्छता अभियान और कोविड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यदि हम थोड़ी सी सावधानी बरतें तो हम इन बीमारियों से आसानी से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत घर-घर शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। सभी परिवारों को चाहिए कि वे इस योजना का लाभ अवश्य लें।

बीपीएम ,जीविका, धरहरा अनिल प्रसाद ने कहा कि हमें पारंपरिक और स्थानीय खाद्य पदार्थों की ओर कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवनशैली में बदलाव लाने की आवश्यकता है। दशहरे से होली तक का समय स्वास्थ्यवर्धक भोजन का होता है। इस दौरान लोगों को हरी साग-सब्जियों एवं अन्य पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोगों को ‛वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्थानीय पारंपरिक साग-सब्जियों का सेवन करना चाहिए और पोषण वाटिका के तहत इनका विकास करना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रचार सहायक अमरेंद्र मोहन ने कहा कि लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करने और कुपोषण मिटाने के उद्देश्य से ही मंत्रालय की ओर से पोषण मेले का आयोजन किया गया है। 
  धरहरा, मुंगेर की सीडीपीओ पूनम कुमारी ने कहा कि हमें पोषण युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी तो होती है लेकिन उस पर और अधिक अमल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति स्वयं और अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए ख़ुद जिम्मेदार बने। 

  कार्यक्रम का संचालन फील्ड आउटरीच ब्यूरो, मुंगेर के क्षेत्रीय प्रचार सहायक अमरेंद्र मोहन ने किया।
(प्रेस विज्ञप्ति)
पत्र सूचना कार्यालय
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
भारत सरकार, पटना
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments