Home बिहार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने बांधी अनंत की डोर....

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने बांधी अनंत की डोर….

रिपोर्ट – रवि शंकर सिन्हा

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि के अवसर पर रविवार को देश भर में अनन्त चतुर्दशी का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसको लेकर भागलपुर  समेत आसपास के मंदिरों और ठाकुरबाड़ी के साथ गंगा तटों पर भी श्रद्धालुओं ने पुरे विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनंत भगवान् की पूजा अर्चना की, जिसके बाद पुरुष ने अपनी दाहिनी भुजा और महिलाओं ने अपनी बायीं भुजा पर अनंत की डोर बांधी।

वहीं भागलपुर के बूढ़ानाथ स्थित प्रसिद्ध बाबा वृद्धेश्वरनाथ मंदिर परिसर में सुबह से ही शहर एवं दूर दराज से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जहां गंगा स्नान कर भक्तों ने भगवान् अनंत एवं 14 गांठ वाले अनंत रक्षा सूत्र की पूजा कर अपनी बांह पर बांधा। इस दौरान मंदिर के अंदर और बाहरी परिसर में अलग अलग श्रद्धालुओं ने समूह में पूजा अर्चना कर मनोकामना पूर्ति की कामना की।

जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आम हो या ख़ास सभी ने भगवान् विष्णु के अनंत रूप की पूजा कर सुख शांति और विश्व कल्याण की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार अनन्त चतुर्दशी पर बाँधी जाने वाली रक्षा सूत्र की 14 गांठ भगवान् नारायण के 14 रूपों और लोकों का प्रतीक है, जिसे बांधने से भगवान् विष्णु की विशेष कृपा और विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार धर्मराज युधिष्ठिर समेत पांचों पांडव ने द्रौपदी के साथ अनंत भगवान् की पूजा के लिए व्रत रखा था, जिसके बाद उन्हें सुख समृद्धि की प्राप्ति हुई थी।

अनन्त चतुर्दशी के दिन व्रत उपवास का भी विधान है, जिसमे कई जगहों पर  फलाहार तो कई भक्त बिना तेल और नमक के अनाज ग्रहण कर अपना व्रत पूरा करते हैं। इधर देश के अलग अलग हिस्सों में हरिपूजन कर भक्तों ने पूजा कर अनंत डोर बांधी।  

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