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राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित, वर्षों से टीएमबीयू में रेंग रही है दिनकर पीठ स्थापना की फाईल….

रिपोर्ट – सैयद ईनाम उद्दीन

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 123वीं जयंती गुरुवार को मनाई गई।टीएमबीयू के रामधारी सिंह दिनकर परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा पर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, प्रति कुलपति प्रो. रमेश कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. रामप्रवेश सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. निरंजन प्रसाद यादव, हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. योगेंद्र महतो समेत कई शिक्षक और छात्र छात्राओं ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

गौरतलब हो कि रामधारी सिंह दिनकर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के छठे कुलपति थे। वे 10 जनवरी 1964 से तीन मई 1965 तक टीएमबीयू में कुलपति के पद पर रहे। कहा जाता है राष्ट्रकवि का भागलपुर से गहरा लगाव था। लेकिन टीएमबीयू प्रशासन अपने पूर्व कुलपति सह राष्ट्रकवि को सिर्फ जयंती के मौके पर याद करता है। कई सालों से पीजी हिन्दी विभाग की ओर से दिनकर पीठ स्थापना की मांग भी उठ रही है।

इसके बाद भी इस दिशा में काम की गति काफी धीमी है। जबकि दिनकर पीठ की स्थापना के साथ ही उनपर पढ़ाई सहित अन्य शोध के काम शुरू हो जाएंगे। इधर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर टीएमबीयू की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि हम सबों के लिए गर्व कि बात है कि राष्ट्रकवि भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। वहीं प्रति कुलपति प्रो. रमेश कुमार ने बताया कि दिनकर पीठ स्थापना को लेकर हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

जबकि पीजी हिन्दी विभाग के हेड प्रो. योगेन्द्र महतो ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर स्वभाव से सौम्य और मृदुभाषी थे लेकिन जब बात देश के हित-अहित की आती थी तो वो बेबाक टिप्पणी से कतराते भी नहीं थे। साथ ही उन्होंने टीएमबीयू में दिनकर पीठ स्थापना की धीमी गति पर अफसोस जताया। मौके पर मानविकी संकाय के पूर्व डीन प्रो. बहादुर मिश्र, डॉ. के. एन. यादव, डॉ. सुजाता, असिस्टेंट प्रोफेसर दिव्यानंद समेत कई शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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