बिहारस्वास्थ्य

मुख्यमंत्री ने वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी का किया परिभ्रमण

पटना, 12 अप्रैल :- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजगीर विधानसभा क्षेत्र (पुराना) के विभिन्न स्थानों का भ्रमण करने के दौरान वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी का परिभ्रमण किया। परिभ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान प्रांगण में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। संस्थान के पिछले हिस्से में स्थापित नर्सिंग कॉलेज वाले क्षेत्र को विकसित करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी के ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री ने संस्थान के स्मारिका का विमोचन किया। संस्थान के प्रबंधन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित डॉक्टरों एवं छात्रों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेडिकल कॉलेज को यहां बनाना था तो इसके लिए हमलोगों ने 54 एकड़ भूमि का प्रबंध किया। यहां पर मेडिकल कॉलेज बने इसको लेकर मेरे मन में पहले से ही इच्छा थी। यहां की पुरानी यूनिवर्सिटी नालंदा यूनिवर्सिटी को रिवाइव करने की बात हुई थी। इसके लिए पहले राज्य सरकार ने और फिर केंद्र ने सहयोग किया। इसके बाद राजगीर में नए सिरे से नालंदा विश्वविद्यालय स्थापित किया गया।

उसी समय हमने कहा था कि हम यहां मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल बनवाएंगे। यह भगवान महावीर की जन्मस्थली है। यह पहले से ही मेरे मन में था। यहां दो-तीन गांव के लोग आए थे, वो लोग कहने लगे कि यहां पर कुछ कीजिए तो हमने कहा कि आपलोग जगह दीजिए और उनलोगों ने जगह दिया। इसके बाद हमने यहां मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनाने का निर्णय लिया। कोरोना काल में भी यहां मरीजों का ट्रीटमेंट होता था, ऑक्सीजन प्लांट भी यहां लगाया गया। दो-ढाई साल बाद आज हमने एक बार फिर से इस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण किया है। यहां उपस्थित सभी डॉक्टर से हम अनुरोध करते हैं कि कृपया करके आप लोग यहीं पर अपनी सेवा देते रहिए। यह जगह धीरे-धीरे काफी विकसित होगा। यह एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का जगह होगा। देश में इतना अच्छा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कहीं भी नहीं बना है।

नालंदा यूनिवर्सिटी में विदेश के लोग भी आयेंगे। उनको अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या होगी तो उनका भी इलाज यहीं पर होगा। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए यहां के मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया गया एवं इसका नामकरण हमने पहले से ही तय किया था। इसका नामकरण बदलकर भगवान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल किया जायेगा ताकि इसकी महत्ता सभी लोगों को पता चल सके। इसको ऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट में परिणत करने की आप लोग चिंता मत कीजिए। यह बहुत महत्वपूर्ण जगह है। यह एक पवित्र धरती है, अगर आप यहां सेवा दीजिएगा तो आप ऊँचाईयों को प्राप्त करियेगा। आपसे आग्रह है कि आप लोग जनता की सेवा बढ़िया ढंग से कीजिए।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा संरक्षित नालंदा महाविहार एवं xuan zang म्यूजियम प्रांगण स्थित श्वेन तसांग स्मृति भवन का मुआयना किया।इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेन्द्र कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, आई०एम०ए० के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० सहजानंद प्रसाद सिंह, वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी के प्राचार्य डॉ० पवन कुमार चौधरी, वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी के अधीक्षक डॉ० ज्ञान भूषण, चिकित्सकगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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