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माँ विषहरी की पूजा अर्चना पूरे विधि विधान से हुआ शुरू, नही था भक्तो का प्रवेश

 रिपोर्ट – सुमित कुमार शर्मा 

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : अंग प्रदेश का लोकपर्व विषहरी पूजा काफी उत्साह के साथ मनाया जाता था लेकिन इस बार कोविड को लेकर भक्तो के लिए पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, हर वर्ष चंपानगर स्तिथ विषहरी मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु डलिया चढ़ाने काफी दूर दूर से आते थे।आपको बता दे कि अंग क्षेत्र में काफी आस्था के साथ माँ मनसा का पर्व विधि विधान के साथ शुरू हो गया है नाथनगर के चंपानगर स्थित मां मनसा देवी मंदिर में मां विषहरी का पूजन वैदिक मंत्रोच्चार और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, यह पूजा श्रावण मास के शुक्ल पक्ष नागपंचमी को मनाया जाता है इसको लेकर पारंपरिक तरीके से एक माह पहले से ही मंदिरों में इसकी तैयारियां शुरू हो जाती है।

वहीं सरकार द्वारा जारी कोविड 19 गाइडलाइंस के साथ दिशा निदेशों का पालन करते हुए पूजा किया गया। वही मंदिर के पुजारी के द्वारा निष्ठापूर्वक दूध लावा और डलिया चढ़ाकर पूजा-अर्चना किया गया। मंदिर परिसर में आम भक्तों के प्रवेश पर पूर्णता रोक रही। कलश स्थापना के दौरान मां विषहरी की गाथा पर आधारित गीतों से पूरा मंदिर प्रागंण गूंजायमान रहा।वहीं मंदिर के पुजारी संतोष झा ने बताया कि हर बार मंदिरों में भक्तों का ताँता लगा रहता था,

लाखो की संख्या में भक्त डलिया चढ़ाने यहां आते थे, लेकिन इस बार कोविड 19 को लेकर भक्तों को मंदिर परिसर में प्रवेश पर पूर्णतः रोक है। काफी दूर दराज से भक्त माँ की पूजा अर्चना को यहाँ पहुंचते थे। साथ ही उन्होंने बताया कि आज रात मंदिर प्रांगण में ही बाला लखेंद्र की बारात और बिहुला के साथ रात्रि में विवाह संपन्न होगा। उसी रात सर्पदंश, फिर 18 अगस्त को दूसरी डलिया का चढ़ावा लगेगा।

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