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भागलपुर के डॉक्टर ने कबाड़ से निकाला जुगाड़, स्मार्ट सिटी की सड़कों पर पहली बार दौड़ी ई-रिक्शा एंबुलेंस….

रिपोर्ट – सैयद ईनाम उद्दीन

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : विश्व के 38 देशों में फैल चुका कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट अब भारत में भी तेजी से पैर पसारने लगा है। गौरतलब हो कि कोरोना काल के दौरान अस्पताल में बेड, रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की जमकर कालाबाजारी हुई थी।

वहीं मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस और शवों को अस्पताल से श्मशान तक पहुंचाने वाले शव वाहनों के संचालकों ने भी मनमाने पैसे वसूले। जिसके बाद सरकार ने किलोमीटर के हिसाब से दरें तय की।

इकोफ्रेंडली ई- रिक्शा सोलो एम्बुलेंस की जानकारी देते डॉ. इम्तियाजुर रहमान

इधर कोरोना काल में आम लोगों की परेशानी और नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए भागलपुर के एक डॉक्टर ने इकोफ्रेंडली एम्बुलेंस लांच किया है, जो मात्र 150 रुपए में आसानी से 40 किलोमीटर तक मरीज के साथ तीन अन्य लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा सकता है और वह भी लाईफ स्पोर्ट सिस्टम के साथ।

कबाड़ से जुगाड़ लगाने वाले प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. इम्तियाजुर रहमान और उनकी टीम ने लगभग एक पखवाड़े में ई-रिक्शा को सोलो ई-एम्बुलेंस का रूप देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है। वहीं स्मार्ट सिटी में पहली बार ई-एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत सोमवार को तातारपुर स्थित एडवांस ट्रॉमा एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में की गई।

रहमान नर्सिंग होम कैंपस से टोटो एम्बुलेंस को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. इमराना रहमान, डॉ. इम्तियाजुर रहमान, डॉ. जिया, इंजीनियर त्रिपुरारी, इलेक्ट्रिशियन मो. कासिम, सैयद जीजाह हुसैन और आगत अतिथियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान डॉ. रहमान ने बताया कि हमारी टीम ने मरीजों को सस्ती परिवहन व्यवस्था देने का प्रयास किया है।

उन्होंने जानकारी दी कि एम्बुलेंस में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, बाई पैप, सिरिंज पंप, न्यूबीलाइजर, पल्स मीटर के अलावा 7 घंटे तक चलने वाले ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा भी उपलब्ध है। डॉ. इम्तियाजुर रहमान ने कहा कि ऑरेंज कंपनी द्वारा निर्मित ई-रिक्शा एंबुलेंस की कम कीमत होने के कारण देश के कई हॉस्पिटल और चिकित्सकों ने उनसे संपर्क किया है।

वहीं डॉ. इमराना रहमान ने कहा कि इस तरह का एम्बुलेंस आ जाने से शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अस्पताल आने जाने में काफी सहूलियत होगी। जबकि मो. कासिम ने बताया कि सोलो एम्बुलेंस लाने का मुख्य उद्देश्य है देहात और स्लम एरिया के गरीब मरीजों को अस्पताल तक सारी सुविधाओं के साथ पहुंचाया जा सके। मौके पर ई-एम्बुलेंस की सुविधाओं को दिखाने के लिए डेमो भी किया गया। इस अवसर पर इंजीनियर हाली मंजूर, के. के. राजू, राजीव कुमार समेत हॉस्पिटल के सभी कर्मी मौजूद थे।

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