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बीएसएनएल कर्मियों का धरना सातवें दिन भी रहा जारी, जीएम ने यूनियन द्वारा लगाए सभी आरोपों को बताया निराधार…

रिपोर्ट – रवि शंकर सिन्हा

सिल्क टीवी भागलपुर (बिहार) :भागलपुर बीएसएनएल महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में पिछले सात दिनों से चल रहा धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान बीएसएनएल यूनियन एनएफटीई की ओर से जीएम और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

साथ ही अपनी मांगों को नहीं पूरा किये जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कही। वहीं इस धरना प्रदर्शन को लेकर बीएसएनएल महाप्रबंधक महेश कुमार का कहना है कि धरना दे रहे, कुछ लोगों द्वारा उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार है। जीएम कि कहा कि यूनियन के नेताओं की सभी सात मांगों पर पूर्व में बैठक कर मेरिट के अनुसार दिसंबर माह तक रिसोल्व करने की बात कही गई थी, और इसमें से एक NEPP के मुद्दे को क्लियर कर दिया गया है, लेकिन मैनेजमेन्ट के खिलाफ जाकर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया, और प्रदर्शन के दौरान अभद्र और असंवैधानिक भाषा का उपयोग करना सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक मुद्दा सब जुडीशियस है, जिस पर समाधान की प्रक्रिया जारी है, जबकि एक मामला ऐसा है जिसमे एक कर्मचारी तीन साल से लापता रहा है, और उसमे चार्जशीट देने का है, जिसमे आइओ – पीओ नियुक्त है,जिसकी रिपोर्ट मिलने पर जो भी सैलरी बननी होगी, उसपर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

एक मुद्दा सुनील प्रसाद सिंह के 40 दिन के वेतन का है, जिसमे वो गायब रहे है, और उन्हें सम्बंधित अधिकारी द्वारा दी, गई जिम्मेदारियों को उन्होंने पूरा नहीं किया, जिसके कारण उस पीरियड की सैलरी कटी है। साथ ही जीएम ने एसडीई प्लानिंग नवीन ठाकुर पर लगाए गए आरोप एवं उनके ट्रांसफर और रिलीव करने के मामले को भ्रमित करने वाला बताते हुए कहा कि ट्रांसफर पोस्टिंग पार्ट ऑफ़ जॉब है, जबकि स्टाफ की कमी के कारण नवीन ठाकुर को उन्हें रिलीव नहीं किया गया है, साथ ही कहा कि जैसे ही कोई ऑफिसर की पोस्टिंग होगी नवीन ठाकुर को बिरमित कर दिया जाएगा।

जीएम ने कहा कि स्टोर में हुई गड़बड़ी का मामला बिल्कुल गलत है। इसके अलावा एलसीएम की मीटिंग को लेकर कहा कि बीएसएनएल की यूनियन वन ईयू है उनके द्वारा कॉल करने पर ही मीटिंग बुलाई जाएगी। वहीं महाप्रबंधक ने कहा कि सुनील प्रसाद सिंह पर अनाधिकृत रूप से क्वार्टर में रहने और विभाग के अधिकृत एवं अनधिकृत पीरियड का पैसा नहीं देने का आरोप है।

साथ ही धरना देने के स्थान को गलत बताते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि धरना देना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसके लिए प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर और तय स्थान पर ही आंदोलन किया जाए। बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर धरना स्थल के समीप नियुक्त मजिस्ट्रेट और लीगल एडवाइजर से भी चर्चा कर जीएम ने यूनियन के नेताओं से धरना समाप्त करने की अपील की है।     

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