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नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माता कूष्मांण्डा देवी की हुई पूजा

रिपोर्ट – रवि शंकर सिन्हा

सिल्क टीवी भागलपुर (बिहार) :आश्विन मास में मनाए जानेवाले शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माता कूष्मांण्डा देवी की पूजा की गई। धर्म शास्त्रों के अनुसार जब सृष्टि भी नहीं थी तभी सिंह पर सवारी करनेवाली माता कूष्मांडा ने अपने मंद मुस्कान और तेज से ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति की थी,

जिसके कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से जाना जाता है। कूष्माण्डा देवी रोग, शोक और कष्ट मिटाने वाली है, जो कमल पुष्प के साथ कमंडल, अमृत कलश, धनुष बाण, चक्र और गदा धारण करती हैं। देवी दुर्गा के इस कूष्माण्डा  स्वरूप को कोहड़े की बाली अति प्रिय है, और शरणागत वत्सला ये अष्टभुजा देवी आदि स्वरूपा आदिशक्ति भी हैं।

माता कूष्मांडा अच्छे स्वास्थ्य के साथ आयु, यश और बल की वृद्धि करने वाली है, जो सभी प्रकार की सिद्धियां और निधियों को प्रदान करती हैं। वहीं तेज की देवी कूष्माण्डा की पूजा जिले के सभी दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों के साथ घरों में भी भक्तिभाव से मंत्रोच्चार और दुर्गा सप्तशती पाठ कर की गई। इधर दुर्गा पूजा के विशेष सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी पूजन को लेकर प्रतिमा को अंतिम रूप दिया गया, जबकि बांग्ला पद्धति से पूजा होनेवाले दुर्गा मंदिरों में षष्टी तिथि को ही माता का पट श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।

इसको लेकर सभी पांडाल और मेला की तैयारी को अंतिम रूप देने का सिलसिला जारी रहा। शहर के कालीबाड़ी, दुर्गा बाड़ी, कचहरी चौक, भीखनपुर, आदमपुर चौक, मिरजान समेत विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से दुर्गा पूजा संपन्न कराने के लिए प्रशासन के निर्देशों का भी पालन किया जा रहा है।

वहीं नवरात्र को लेकर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्साह और भक्तिमय माहौल देखा जा रहा है ।

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