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नगर निगम में वित्तीय अनियमितता के खिलाफ एकजुट हुए पार्षद, मेयर से मांगा इस्तीफा, कहा पीआईएल करेंगे दायर…

रिपोर्ट – सैयद ईनाम उद्दीन

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : भागलपुर निगम में वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वहीं निगम प्रशासन ने पार्षद एकता मंच की मांग को दरकिनार कर दिया है। जिसको लेकर रविवार को वार्ड नंबर 43 में पार्षदों ने बैठक की। पार्षद प्रतिनिधि मो. सोनू की अगुआई में बुलाई गई बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार को सभी पार्षद नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में एक दिवसीय धरना देंगें।

इस दौरान पार्षद एकता मंच के संयोजक सह वार्ड नंबर 21 के पार्षद संजय सिन्हा ने कहा कि ट्रेड लाइसेंस गड़बड़ी मामले की जांच रिर्पोट अभी आई भी नहीं है की, लेबर घोटाला का मामला उजागर हो गया। इससे निगम के साथ पार्षदों की छवि भी धूमिल हो रही है। इस दौरान वार्ड नंबर 32 के पार्षद हंसल सिंह ने बताया कि नगर निगम में मची लूट के छूट के विरोध में बुधवार को हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। वहीं वार्ड नंबर 43 के पार्षद प्रतिनिधि मो. सोनू ने कहा कि शाहकुंड के अनिल कुमार द्वारा बिना कार्य के मजदूरी भुगतान किए जाने के आरोप की निगरानी से जांच नहीं कराकर नगर आयुक्त मामले की लीपापोती करना चाहते हैं।

जिसकी राज स्वास्थ्य शाखा से लेकर लेखा शाखा की फाइलों में दफन हैं। इधर वार्ड नंबर 27 के पार्षद मो. उमर चांद, वार्ड संख्या 25 के गोविंद बनर्जी और वार्ड 33 के पार्षद प्रतिनिधि मो. मेराज समेत कई पार्षदों ने मेयर सीमा साहा से इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही पार्षदों ने जिला प्रशासन से जांच के बाद दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की। गोविंद बनर्जी ने बताया कि उन्होंने निगम में हो रहे घोटाले की शिकायत सीएम से लेकर पीएमओ तक से की है। वहीं निगम में वित्तीय अनियमितता और कोटेशन के आधार पर 26 माह से टैंकर रखने के मामले में पार्षद एकता मंच ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों की माने तो मेयर सीमा साहा को अपनी जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि पूरे प्रकरण में उनके पति सह जिला परिषद अध्यक्ष टुनटुन साह की भूमिका है। इधर बताया जा रहा है कि नगर निगम में चल रहे विवाद को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

ट्रेड लाइसेंस सहित अन्य मामलों की जांच एडीएम की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा किया जाएगा। आयुक्त के निर्देश पर डीएम द्वारा पूरे मामले की जांच करायी जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। बैठक में विनय गुप्ता, सरयुग प्रसाद, संजय तांती, असगर अली समेत कई पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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