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दो माह पूर्व अपहृत नवालिक लड़की को नहीं ढूंढ पायी बबरगंज पुलिस,परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

 रिपोर्ट – सत्यम पांडेय 

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : पुलिस प्रशाशन चाहे अपने काम को लेकर कितनी भी लापरवाही बरते पर हमारे समाज में लोगों को आज भी कानून व्यवस्था पर अटूट भरोसा है। पर मुट्ठी भर पुलिस कर्मी की ओछी हरकत के कारन लोगों का कानून से भरोषा उठता जा रहा है। बीते 17 जून को मिरजान के महमदाबाद से विजय मंडल की 14 वर्षीय नाबालिक पुत्री को कोढ़ा निवासी उमेश मंडल के 28  वर्षीय पुत्र सिंटू मंडल ने तब अगुवा कर लिया जब वो टूशन पढ़ कर वर्षालीगंज स्थित अपने घर लौट रही थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद लड़की के परिजनों ने मामले की शिकायत बबरगंज थाना में की , जिसपर कोई कारवाही नहीं होने पर घटना की जानकारी SSP एवं DIG कार्यालय में देकर न्याय की गुहार लगायी गयी। पर दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशाशन द्वारा नामजद आरोपी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया है। FIR की कॉपी ठाणे में पड़ी धूल फांक रही है और बबरगंज ठाणे की पुलिस मामले की जांच करने के लिए पीड़ित परिजनों से किराये पर फोर वीलर देने की डिमांड कर रही हैं। साथ ही पीड़ित परिजनों ने बबरगंज थाना पुलिस पर आरोपियों को क़ानूनी संरक्षण देने , जाँच के नाम पर हवाबाजी करने और पैसे लेकर पॉकेट गर्म करने का भी आरोप लगाया है , वही अपहृत लड़की की माँ ने बताया की वो पिछले दो महीने से लगातार थाना का चक्कर लगा रही है , पर उसके पास किराये पर चार चक्का करने के पैसे नहीं है , जिस कारन पुलिस कही आने जाने में अश्मर्थ है और मामले की जांच अटकी पड़ी है। अब सबसे बड़ी बेशर्मी की बात तो यह है की क्या सुशासन बाबू की पुलिस पीड़ितों से गाड़ी और डीज़ल का खर्च लेकर ही जाँच करेगी, क्या पुलिस अपने कर्त्तव्य और अपनी जिम्मेदारी को सुपर्दे खाक कर चुकी है या हर वर्ष जो लाखो करोडो रूपए पुलिस की गाड़ी और जांच में होने वाले खर्च के नाम पर दिए जाते है उसका इस्तिमाल जनता की समष्या का समाधान के लिए किया जायेगा।    

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