Home बिहार जागरूकता के अभाव में होता है मानवाधिकार का हनन : अजीत सिंह

जागरूकता के अभाव में होता है मानवाधिकार का हनन : अजीत सिंह

रिपोर्ट – सैयद ईनाम उद्दीन

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : मानवाधिकार संरक्षण के लिहाज से 10 दिसम्बर का खास महत्व है। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के तौर पर मनाया जाता है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने 1950 में दस दिसम्बर को मानवाधिकार दिवस घोषित किया था।

जिसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को मानवाधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना और इसके पालन के प्रति सजग रहने का संदेश देना है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर भागलपुर बोस पार्क स्थित मानव अधिकार संगठन कार्यालय में जन-संवाद सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उदघाटन आरटीआई कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह, मनोज मीता, सुनील जैन, डॉ. अजय कुमार सिंह, सुजीत लाल, छाया पांडे, श्वेता सुमन और आगत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मानवाधिकार संगठन के अजीत सिंह ने समाजसेवा से जुड़े व्यक्तियों को सम्मानित किया।

वहीं अपने संबोधन में डॉ. देवज्योति मुखर्जी ने मानवाधिकार दिवस की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी इंसान स्वतंत्र और अधिकारों में समान होते हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारों की श्रृंखला में मानवाधिकार को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।

जबकि सुजीत लाल ने कहा कि अदालतों में केस पेंडिंग रहना भी ह्यूमन राइट्स का शोषण है। कार्यक्रम में जीवन जागृति सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने आरटीआई कार्यकर्ताओं को देश की आंतरिक रक्षा का प्रहरी बताया।

समारोह के दौरान मानव अधिकार संगठन की ओर से देश के प्रधान रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई। मौके पर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि जनरल बिपिन रावत मानवाधिकारों को लेकर बेहद सजग थे। वहीं आरटीआई कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह ने कहा अधिकांश लोग जागरूकता के अभाव में मानवाधिकार हनन के शिकार होते हैं।

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