भागलपुर

ईदगाह और मस्जिदों में पसरा रहा सन्नाटा, घरों में अदा की गई बकरीद की नमाज…

रिपोर्ट – सैयद ईनाम उद्दीन

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : त्याग और बलिदान का पर्व बकरीद बुधवार को सादगी के साथ मनाया गया। कोरोना संक्रमण के कारण लगातार दूसरे साल भी देशभर में तमाम पर्व त्योहारों का रंग फीका पड़ गया है। जिस तरह पिछली बार कोरोना के साए में ईद मनाई गई थी और लोगों ने अपने घरों में ही नमाज पढ़ी थी, ठीक उसी तरह इस साल भी ईद और बकरीद में कोरोना का खौफ देखने को मिला। दरअसल कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सभी सार्वजनिक जगहों पर सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। जिस कारण लोगों ने अपने घरों में ही बकरीद की नमाज अदा की। हालांकि कुछ मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के मस्जिद में चोरी छिपे नमाज हुई लेकिन इसकी भनक प्रशासन को नहीं लग सकी। भागलपुर के कई मुस्लिम परिवारों ने अपने अपने घरों में नमाज पढ़ी, वहीं नमाज पढ़ने के बाद लोग काफी मायूस नजर आये। लोगों का कहना था कि कोरोना संक्रमण के कारण उनकी खुशियों पर ग्रहण लग गया है। जहां पिछले साल कोरोना के कारण उन्हें ईद और बकरीद जैसे पर्व त्योहारों पर घरों में ही कैद रहना पड़ा था और इस बार भी निराशा ही मिली। वहीं नमाज के बाद बच्चे भी काफी मायूस नजर आए। बच्चों ने बताया कि ईद में दोस्तों के साथ मिलना जुलना होता है लेकिन कोरोना के कारण हम लोग अपने दोस्तों से दूर हो गए हैं। इधर शहर के शाह मार्केट स्थित शाह मंजिल परिसर में खानकाह पीर दमड़िया के 15वें सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन ने अपने परिवार के साथ बकरीद की नमाज अदा की। वहीं खानकाह आलिया शहबाजिया के सज्जादानशीं सैयद शाह मो. इंतेखाब आलम शहबाजी ने तमाम लोगों को ईद-उल- अजहा की मुबारकबाद देते हुए, पर्व को सदभाव और शांति के साथ मनाने की अपील भी की। वहीं बकरीद को लेकर सैयद फखरे आलम हसन ने कहा कि इस्लाम में दो ईदें मनाई जाती है। एक ईद -उल- फितर और दूसरा ईद-उल-अजहा। उन्होंने बताया कि बकरीद पैगंबर हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल द्वारा दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। इधर कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने सभी मुस्लिम भाईयों को बकरीद की शुभकामना दी है। साथ ही विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि यह त्योहार आपसी सौहार्द और भाईचारा का संदेश देता है। भागलपुर शिया वक्फ कमेटी सचिव सैयद जीजाह हुसैन ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार बकरीद 12वें महीने की 10 वीं तारीख को मनाई जाती है। वहीं अपने परिवार के सदस्यों के साथ नमाज अदा करने के बाद डॉ. इम्तियाजुर रहमान ने कहा कि कुर्बानी का असल मकसद ईश्वर के प्रति त्याग और बलिदान का जज्बा पैदा करना है। इस दौरान उन्होंने कोरोना की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए मस्जिदों में वैक्सीननेशन कैंप लगाने की बात कही। साथ ही डॉ. रहमान ने कोरोना संक्रमण से निपटने में धर्म गुरुओं और धार्मिक स्थान की भूमिका को अहम बताया।

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