Home बिहार आठ दिवसीय मंजूषा महोत्सव का हुआ उदघाटन, उद्योग मंत्री ने भागलपुरी सिल्क...

आठ दिवसीय मंजूषा महोत्सव का हुआ उदघाटन, उद्योग मंत्री ने भागलपुरी सिल्क और मंजूषा कला को विश्व पटल पर पहुंचाने की कही बात…..

रिपोर्ट – रवि शंकर सिन्हा

सिल्क टीवी भागलपुर (बिहार) :भागलपुर के सैंडिस कम्पाउंड में शनिवार को उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना की ओर से आयोजित आठ दिवसीय मंजूषा महोत्सव का उद्घाटन बिहार सरकार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन, पीरपैंती विधायक ललन पासवान, समेत कई अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस दौरान उद्योग मंत्री ने बारी बारी से सिल्क, हैंडलूम, मंजूषा पेंटिंग, खादी, समेत भागलपुरी वस्त्रों और उत्पादों के स्टॉल का जायजा लिया और सभी के प्रयासों की जमकर सराहना की।

वहीं कार्यक्रम में आयोजक की ओर से मंत्री समेत सभी अतिथियों का स्वागत बुके देकर किया गया। उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भागलपुर की पहचान मंजूषा चित्रकला और भागलपुरी सिल्क को जीआई टैग मिलना गर्व की बात है, और सरकार भी इसे बढ़ावा देने के लिए लगातार कई स्तर पर प्रयास कर रही है।

मंत्री ने कहा कि भागलपुर में खादी मॉल, हैंडलूम कलस्टर, सिल्क व्यवसाय को अंतरराष्ट्रीय बाजार मुहैया कराने के लिए एक्सपोर्ट सेण्टर खोलने के साथ सिल्क सिटी को सिल्क हब बनाकर बनारस मॉडल की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा, जिससे रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे एवं भागलपुर पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब होगा।

इसके अलावा भी बिहार में कई और योजनाओं पर कार्य करने और उद्योग को बढ़ावा देने की बात उद्योग मंत्री ने कही। वहीं मंजूषा कलाकार मनोज पंडित ने कहा कि 30 अक्टूबर तक चलने वाले मंजूषा महोत्सव में भागलपुर समेत बिहार के  विभिन्न जिलों से अलग अलग शिल्प कला से जुड़े शिल्पी पहुंचे है, और सभी के स्टॉल भी लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि महोत्सव में मंजूषा कला, भागलपुरी सिल्क, खादी, टेराकोटा, सिक्की कला, मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग निर्मित सामग्री, समेत कई प्रकार की प्रदर्शनी लगाई गई है। साथ ही कहा कि मंजूषा महोत्सव के माध्यम से बिहार की अलग अलग व्यवसाय और पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने में काफी मदद मिलेगी और इसके लिए सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। कार्यक्रम में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राम शरण राम समेत काफी संख्या में बुद्धिजीवी, व्यवसायी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments