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बिहार की मछलियां अब दुनिया के बाजार में मचाएंगी धूम: ₹1600 किलो तक है मांग, खुलेंगे ‘फ्रेश कैच’ आउटलेट्स

​"ग्लोबल मार्केट में छाने को तैयार बिहार की मछलियां: पटना समेत कई शहरों में शुरू होंगे आधुनिक फिश आउटलेट, मछली पालकों की आय बढ़ाने को सरकार ने बनाया मेगा प्लान"

Patna News: बिहार अब न सिर्फ अनाज बल्कि मछली और दूध उत्पादन में भी ग्लोबल हब बनने की ओर अग्रसर है। बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के मछली पालकों और डेयरी किसानों के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। सरकार का लक्ष्य बिहार की मछलियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात करना है ताकि किसानों की आय में भारी इजाफा हो सके।

​सुधा की तर्ज पर ‘फ्रेश कैच’ आउटलेट्स: मिलेंगी जिंदा मछलियां

​मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बताया कि इस माह के अंत तक पटना समेत राज्य के कई नगर निगमों में ‘फ्रेश कैच फिश आउटलेट’ शुरू किए जाएंगे। ये आउटलेट्स ठीक उसी तरह काम करेंगे जैसे सुधा के बूथ काम करते हैं। इन केंद्रों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहाँ ग्राहकों को बिल्कुल ताजी और जिंदा मछलियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

​वैश्विक बाजार में बिहार की मछलियों की भारी मांग

​बिहार की मछलियों की गुणवत्ता इतनी शानदार है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी कीमत 1500 से 1600 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है जिससे हमारे मछली पालकों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके और उन्हें उनकी मेहनत का सही दाम मिले।

​मछली उत्पादन में देश में चौथे स्थान पर पहुँचा बिहार

​डेयरी एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने आंकड़ों के जरिए बिहार की तरक्की का खाका पेश किया। उन्होंने बताया:

  • ​आत्मनिर्भर बिहार: राज्य अब मछली और दूध उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है।
  • ​उत्पादन: बिहार में वर्तमान में करीब 9 लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है।
  • ​बड़ी छलांग: 10 साल पहले बिहार मछली उत्पादन में नौवें स्थान पर था, जो अब सुधरकर चौथे स्थान पर पहुँच गया है।

​डेयरी और रोजगार: हर गाँव में खुलेगा सुधा केंद्र

​सचिव ने यह भी जानकारी दी कि हर गाँव में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी और हर पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र खोलने का लक्ष्य है। इससे न केवल पशुपालकों को फायदा होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित होंगे।

  • ​जीविका दीदियों को मौका: सुधा केंद्रों के संचालन में जीविका दीदियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका चयन लॉटरी सिस्टम से होगा।
  • ​गोट फेडरेशन: मछली के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण मांस के लिए ‘गोट फेडरेशन’ और फिशरीज कॉर्पोरेशन की स्थापना भी जल्द की जाएगी।

​पशु नस्ल और आहार पर विशेष ध्यान

​सरकार पशुओं के नस्ल सुधार और प्रोटीनयुक्त संतुलित पशुचारा (Feed) उपलब्ध कराने के लिए ‘इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर’ बनाने जा रही है। साथ ही, पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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